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नया क्लैरिटी अधिनियम मसौदा प्रसारित, नैतिकता नियम को अस्थायी बनाता है

नया क्लैरिटी अधिनियम मसौदा प्रसारित, नैतिकता नियम को अस्थायी बनाता है

सांसदों ने नए क्लैरिटी अधिनियम का नवीनतम मसौदा प्रसारित किया है, जो एक मौजूदा नैतिकता नियम को अस्थायी बनाता है। यह कदम अंतिम संस्करण की ओर एक कदम है, लेकिन एक मुख्य सरकारी-नैतिकता प्रावधान पर बहस जारी है।

अस्थायी नियम का अर्थ

नया क्लैरिटी अधिनियम प्रसारित पाठ के अनुसार एक विशिष्ट नैतिकता नियम की स्थिति को स्थायी से अस्थायी में बदल देगा। सांसदों ने यह खुलासा नहीं किया है कि कौन सा नियम या अस्थायी अवधि की लंबाई क्या होगी। मसौदे को अंतिम मसौदे की शुरुआत बताया गया है, जिसका अर्थ है कि बिल के मतदान के लिए तैयार होने से पहले और संशोधन संभावित हैं।

मुख्य भाग अभी भी विवाद में

सांसद अधिनियम के एक केंद्रीय सरकारी-नैतिकता भाग पर बहस कर रहे हैं। इस प्रावधान को बिल के उद्देश्य के लिए आवश्यक माना जाता है, लेकिन असहमति बनी हुई है। मसौदा पाठ इस खंड को अनसुलझा छोड़ देता है, जो दर्शाता है कि बातचीत जारी है। अस्थायी नैतिकता नियम कम विवादास्पद प्रतीत होता है, लेकिन मुख्य भाग ने प्रगति को रोक दिया है।

बिल के लिए अगले कदम

प्रसारित मसौदा अंतिम संस्करण के लिए एक शुरुआती बिंदु है। सांसदों से मुख्य सरकारी-नैतिकता प्रावधान पर चर्चा जारी रखने की उम्मीद है। बिल के प्रायोजकों ने अंतिम मतदान के लिए कोई समयसीमा निर्धारित नहीं की है। अगला कदम सांसदों द्वारा विवादित प्रावधान को हल करना है, इससे पहले कि बिल मतदान के लिए आगे बढ़ सके।