राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ हालिया अमेरिकी सैन्य हमलों को सही ठहराया है, यह तर्क देते हुए कि वे तेहरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के लिए आवश्यक थे। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब एक भविष्यवाणी बाजार ने 2027 से पहले ईरान पर पूर्ण पैमाने पर अमेरिकी आक्रमण की संभावना 28.5% आंकी है।
ट्रंप ने हमलों को क्यों जरूरी बताया
ट्रंप ने इस ऑपरेशन को एक रक्षात्मक उपाय बताया। उन्होंने कहा कि हमले उन सुविधाओं को निशाना बनाकर किए गए जिनका उपयोग परमाणु बम बनाने के लिए किया जा सकता था। उन्होंने किसी आसन्न खतरे का कोई ठोस सबूत नहीं दिया, लेकिन जोर देकर कहा कि यह कार्रवाई किसी हथियार को वास्तविकता बनने से पहले रोकने के बारे में थी। प्रशासन लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को एक प्रमुख सुरक्षा चिंता मानता रहा है।
भविष्यवाणी बाजार क्या कहता है
भविष्यवाणी बाजारों पर सट्टेबाज अब अगले तीन वर्षों में ईरान पर अमेरिकी जमीनी आक्रमण की 28.5% संभावना देख रहे हैं। यह आंकड़ा आधिकारिक खुफिया आकलन नहीं है, बल्कि उन लोगों की सामूहिक राय को दर्शाता है जो इस पर दांव लगा रहे हैं। ऐसे बाजारों ने अतीत में कभी-कभी पारंपरिक सर्वेक्षणों की तुलना में अधिक सटीक भविष्यवाणियां दी हैं, हालांकि वे अटकलों पर आधारित होते हैं।
बयानबाजी और जोखिम के बीच का अंतर
ट्रंप का तर्क परमाणु ईरान को रोकने पर केंद्रित है। लेकिन भविष्यवाणी बाजार का आंकड़ा बताता है कि कई सट्टेबाज मानते हैं कि मौजूदा हमले एक बड़े संघर्ष में बदल सकते हैं। 28.5% संभावना कोई निश्चितता नहीं है, लेकिन यह इतनी अधिक है कि इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अमेरिकी सरकार की ओर से आक्रमण की संभावना पर कोई आधिकारिक आकलन जारी नहीं किया गया है। व्हाइट हाउस ने भविष्यवाणी बाजार के आंकड़ों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। फिलहाल, ट्रंप का स्पष्टीकरण ही एकमात्र आधिकारिक बयान है: हमले परमाणु हथियारों को रोकने के लिए थे, न कि शासन परिवर्तन या कब्जे के लिए।
अब यह देखना होगा कि क्या ये हमले वास्तव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को धीमा करते हैं, या वे किसी बड़ी चीज की शुरुआत मात्र हैं।




