ईरान ने जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य बेस पर हमले की जिम्मेदारी ली है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक मारे गए। यह स्वीकारोक्ति तेहरान की ओर से एक दुर्लभ प्रत्यक्ष स्वीकारोक्ति है। एक पूर्वानुमान बाजार के अनुसार, इसने 22 जुलाई तक एक खाड़ी राज्य के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना को 57% तक बढ़ा दिया है।
हमला
\nयह हमला जॉर्डन में एक अमेरिकी बेस पर हुआ। दो अमेरिकी सैनिक मारे गए। उनके नाम जारी नहीं किए गए हैं। यह हमला हाल के वर्षों में क्षेत्र में अमेरिकी बलों के खिलाफ सबसे घातक हमलों में से एक है।
ईरान का दावा
\nईरान ने कहा कि वह इस हमले के पीछे था। यह दावा राज्य मीडिया के माध्यम से आया। तेहरान अक्सर ऐसे हमलों में शामिल होने से इनकार करता है, जिससे यह स्वीकारोक्ति महत्वपूर्ण हो जाती है।
संभावनाएं क्या कहती हैं
\nएक पूर्वानुमान बाजार जो एक खाड़ी राज्य के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना पर नज़र रखता है, 22 जुलाई को बढ़कर 57% हो गया। यह हमले से पहले के निचले स्तरों से ऊपर है। बाजार अब अमेरिकी हमले की संभावना को 50% से अधिक देखता है।
यह स्पष्ट नहीं है कि बाजार किस खाड़ी राज्य का उल्लेख कर रहा है। अमेरिका ने कोई प्रतिक्रिया घोषित नहीं की है। संभावनाएं बताती हैं कि सैन्य प्रतिक्रिया अब अधिक संभावित है।




