ईरान ने जॉर्डन के मुवफ्फक साल्टी एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक मारे गए। यह हमला सीरिया की सीमा के पास पूर्वी जॉर्डन में स्थित बेस पर किया गया, जो इस क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों पर सीधा प्रहार है।
जॉर्डन बेस पर हमला
मुवफ्फक साल्टी एयर बेस मध्य पूर्व में अमेरिकी अभियानों के लिए एक प्रमुख रसद केंद्र है। इस बेस पर सैकड़ों अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और इसका उपयोग प्रशिक्षण और सहायता मिशनों के लिए किया जाता है। हमले में मिसाइल और ड्रोन दोनों का इस्तेमाल किया गया, हालांकि प्रक्षेपास्त्रों की सटीक संख्या और इस्तेमाल किए गए हथियारों के प्रकार का खुलासा नहीं किया गया है।
यह हमला ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुआ है। ईरान ने पहले इराक और सीरिया में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं, लेकिन जॉर्डन में किसी बेस पर सीधा हमला पहली बार हुआ है जिसमें अमेरिकी हताहत हुए हैं।
दो अमेरिकी सैनिक मारे गए
मारे गए दो सैनिक बेस पर तैनात एक सहायता इकाई का हिस्सा थे। परिजनों को सूचित किए जाने तक उनके नाम जारी नहीं किए गए हैं। अमेरिकी सेना ने अभी तक घायलों की संख्या या बेस को हुए नुकसान की सीमा के बारे में विवरण नहीं दिया है।
यह हमला ईरान और अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच चल रहे संघर्ष में एक महत्वपूर्ण वृद्धि है। यह क्षेत्र में जवाबी हमलों की एक श्रृंखला के बाद हुआ है, जिसमें इराक और सीरिया में ईरान समर्थित मिलिशिया पर अमेरिकी हवाई हमले शामिल हैं।
अमेरिकी अधिकारी स्थिति का आकलन कर रहे हैं और उचित प्रतिक्रिया तय कर रहे हैं। मुवफ्फक साल्टी एयर बेस पर हमले ने जॉर्डन में अमेरिकी बलों की सुरक्षा और क्षेत्र की व्यापक स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।




